अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- D#
तेरे बिना मर्ज़ आधा अधूरा
ग–ग—म–ग– सां–सां–सां–नि–ध—प–म–ग–
है एक धुंध है शाम है ना सवेरा है
रे-रे–रे—ग–रे– नि–नि-नि–ध—प–म–ग–
तन्हा हूँ मैं फिर भी तन्हा नहीं
रे–सा–सा—रे–सा– ध–प–प–म—ग–म–
डर यह है के फना हो ना जाऊं
म–ग–रे–रे– रे–म–ध—नि–ध–प–
आ जा ना…
सां–नि–ध–नि–सां—
निगाहों से इल्जाम दे
ग–सां–नि—ध–सां–नि-ध-प-ध-नि—
अदाओं से पैगाम दे
रे–नि–ध—प–नि–ध-प-म-प-ध—
कोई तो मुझे नाम दे इश्क़ है बद गुमान
म–ध–प—म–ध–प-म-ग-म-ग–ध(k)—नि–रें–रें—नि–सां—
आ जा ना…
सां–नि–ध–नि–सां—
निगाहों से इल्जाम दे
ग–सां–नि—ध–सां–नि-ध-प-ध-नि—
अदाओं से पैगाम दे
रे–नि–ध—प–नि–ध-प-म-प-ध—
कोई तो मुझे नाम दे इश्क़ है बद गुमान
म–ध–प—म–ध–प—म–रे—म–ध–नि–सां—ध–नि—
तू नदी का किनारा
ध—ध-ध–ध—ध–ध(k)–ध–
गुमनाम सा मैं
ग–रे—सा–सा–रे–ग–ध-प—ध(k)—ध–
हूँ सफीना
ध—म–प—म–ग–
तू है मौसम बहारा
ध—ध-ध–ध–नि–सां–ध–ध(k)—ध–
सूखी सूखी मैं हीना
ग–रे–सा—रे–ग–ध–प– प–ध–नि–प–म–
जान मेरी है फँसी एक मुलाक़ात में
ग—ध–ध– ग—नि–नि– ग–ग–सां—नि—ध–प–
कैसे मैं अब जीयूं
ग—ध–ध– ग—नि–नि–
ऐसे हालात में
ग–ग–सां—नि—ध–प–
सर पे ग़म का है जो आसमान
ध—नि–सां–सां—सां–सां—सां–रें–रें-गं—
तेरे बिना मर्ज़ आधा अधूरा
ग–ग—म–ग– सां–सां–सां–नि–ध—प–म–ग–
है एक धुंध है शाम है ना सवेरा है
रे-रे–रे—ग–रे– नि–नि-नि–ध—प–म–ग–
तन्हा हूँ मैं फिर भी तन्हा नहीं
रे–सा–सा—रे–सा– ध–प–प–म—ग–म–
डर यह है के फना हो ना जाऊं
म–ग–रे–रे– रे–म–ध—नि–ध–प–