अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- A#
“अलग तुझमें असर कुछ है
सा–सा–सा-ग—रे–सा–ऩि–ध़—ध़–ध़–ध़—ऩि–ऩि–सा–
के दिखता नहीं मगर कुछ है
सा–सा–सा–रे–सा–ऩि–ध़—ध़–ध़–ध़—ऩि–ऩि–सा–
अलग तुझमें असर कुछ है
सा–सा–सा-ग—रे–सा–ऩि–ध़—ध़–ध़–ध़—ऩि–ऩि–सा–
के दिखता नहीं मगर कुछ है
सा–सा–सा–रे–सा–ऩि–ध़—ध़–ध़–ध़—ऩि–ऩि–सा–
फ़िदा हूँ मैं तो
ग–ग–ग–ग–ग-रे–
एक नज़र बस
रे-ग–ग–ग-ग–ग–ग–ग-रे–
एक नज़र बस
रे-ग–ग–ग-ग–ग-ध-ध–ध–
एक नज़र तक के
ध–ध–ध-प–म—ध–प–प–
लगे भी तो ये
ग–ग–ग–ग–ग-रे–
और किधर अब
रे-ग–ग–ग-ग–ग–ग–ग-रे–
और किधर दिल
प–ग–ग-ग–ग-ध-ध–ध–
संग तेरे लग के
ध–ध–ध-प–म—ध–प–प–
सही वो भी लगे मुझको
प–प—नि—सां—प–ध–ध—प–म–ग–रे–
ग़लत तुझ में अगर कुछ है
सा–सा–सा—रे–सा–ऩि–ध़– ध़–ध़–ध़–ऩि–ऩि–सा–
अलग तुझमें असर कुछ है
सा–सा–सा-ग—रे–सा–ऩि–ध़—ध़–ध़–ध़–ऩि–ऩि–सा—
तुम से किरन धूप की
सा—रे–सा– सा–रे–सा–म—ग–रे–रे–रे–ग–
तुम से स्याह रात है
सा—रे–सा– सा–रे–सा–प—म–ग–रे–रे–ग–
तुम बिन मैं बिन बात का
प—ध–प– प–ध–प–नि(k)—ध–प—म–
तुम हो तभी कुछ बात है
ध–ध–नि(k)–ध—प–म–प—म–ग–रे–रे–ग–
तुम से किरन धूप की
सा—रे–सा– सा–रे–सा–म—ग–रे–रे–रे–ग–
तुम से स्याह रात है
सा—रे–सा– सा–रे–सा–प—म–ग–रे–रे–ग–
तुम बिन मैं बिन बात का
प—ध–प– प–ध–प–नि(k)—ध–प—म–
तुम हो तभी कुछ बात है
ध–ध–नि(k)–ध—प–म–प—म–ग–रे–रे–ग–”