**अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- D#**
आ चल के तुझे मैं लेके चलूँ
प़—सा—सा–रे–सा—प़—सा—सा–रे–सा—
एक ऐसे गगन के तले
प़–प़–सा—सा–रे–ग—म–ग–म–ग–रे—
जहाँ ग़म भी न हों आँसू भी न हों
ध़–ध़–रे—रे–ग–रे—ध़—रे—रे–ग–रे—
बस प्यार ही प्यार पले
रे–ग–ऩि—सा–प—म–ग—
आ चल के तुझे मैं लेके चलूँ
प़—सा—सा–रे–सा—प़—सा—सा–रे–सा—
एक ऐसे गगन के तले
प़–प़–सा—सा–रे–ग—म–ग–म–ग–रे—
जहाँ ग़म भी न हों आँसू भी न हों
ध़–ध़–रे—रे–ग–रे—ध़—रे—रे–ग–रे—
बस प्यार ही प्यार पले
रे–ग–ऩि—सा–प—म–ग—
एक ऐसे गगन के तले
प़–प़–सा—सा–रे–ग—म–ग–सा—
सूरज की पहली किरण से
ग–प–ग–रे–सा–रे–ग–प–प–ध–प–ग–ग—
आशा का सवेरा जागे
ग–म–प—प–प–ध–प–म—ध–प–प—
सूरज की पहली किरण से
ग–प–ग–रे–सा–रे–ग–प–प–ध–प–ग–ग—
आशा का सवेरा जागे
ग–म–प—प–प–ध–प–म—ध–प–प—
चंदा की किरण से धुलकर
म–ध–ध—ध–प–ध–प–म–ग–म–ग–रे—
अघनघोर अँधेरा भागे
म–प–प—म–ग–रे–म–ग–रे–सा–सा—
चंदा की किरण से धुलकर
म–ध–ध—ध–प–ध–प–म–ग–म–ग–रे—
अघनघोर अँधेरा भागे
म–प–प—म–ग–रे–म–ग–रे–सा–सा—
कभी धूप खिले कभी छाँव मिले
प़–प़–सा—सा–रे–सा—प़–प़–सा—सा–रे–सा—
लम्बी सी डगर न खले
प़—सा—सा–रे–ग—म–ग–म–ग–रे—
जहाँ ग़म भी न हों आँसू भी न हों
ध़–ध़–रे—रे–ग–रे—ध़—रे—रे–ग–रे—
बस प्यार ही प्यार पले
रे–ग–ऩि—सा–प—म–ग—
एक ऐसे गगन के तले
प़–प़–सा—सा–रे–ग—म–ग–सा—