अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- D
सुनते हैं जब प्यार हो तो
ध—नि-नि—नि—ध—रें–सां–नि–नि–
दिये जल उठते हैं
ध—नि–ध—प—नि–ध–
तन में मन में और नयन में
ध—नि-नि—नि—ध—रें–सां–नि–नि–
दिये जल उठते हैं
ध—नि–ध—प—नि–ध–
आ जा पिया आ जा
ऩि–सा–रे–रे—रे–रे–
आ जा पिया आ जा हो…
ऩि–सा–रे–रे—रे–रे–प–म(t)–ग–म(t)–ग–रे–सा–
ना जा पिया आ जा तेरी ही तेरे ही लिए
ऩि–सा–रे–रे—रे–रे–प–म(t)–ग–म(t)–ग–रे–रे–म(t)–ग—
जलते दिये
ग—ध—प–प—
बितनी तेरे साये में साये में
प–म(t)–प–ग–म(t)–प–प–प–नि–ध–सां—नि—सां–नि–ध–
ज़िंदगानी बितनी तेरे साये में साये में
प–म(t)–प–प–प–म(t)–प–ग–म(t)–प–प–प–नि–ध–सां—नि—
म्यूजिक
कभी कभी…
नि–नि–नि(k)–नि—
कभी कभी ऐसे दियों से
नि–नि–नि(k)–नि—नि–प–प–ग–प–ग–रे–रे–
लग भी जाती आग भी
सा–रे–रे–ग—ध—नि–ध–प–प—
धुले धुले से आँचलों पे
नि–नि–नि(k)–नि—नि–प–प–ग–प–ग–रे–रे–
लग हैं जाते राग भी
सा–रे–रे–ग—ध—नि–ध–प–प—
हैं वीरानों में बदलते
सां—सां-सां—सां–ध–ध—म(t)–म(t)–ग–ग–
देखे मन के बाग भी
म(t)—म(t)–ध—ध—सां—रें–नि–ध–प–ध–
सपनों में श्रृंगार हो तो
ध–नि–नि–नि—नि–ध–ध—रें–सां–नि–नि–
दिये जल उठते हैं
ध—नि–ध—प—नि–ध–
ख्वाहिशों के और शरम के
ध–नि–नि–नि—नि–ध–ध—रें–सां–नि–नि–
दिये जल उठते हैं
ध—नि–ध—प—नि–ध–
आ जा पिया आ जा तेरी ही तेरे ही लिए
ऩि–सा–रे–रे—रे–रे–प–म(t)–ग–म(t)–ग–रे–रे–म(t)–ग—
जलते दिये..
ग—ध—प–प—
बितनी तेरे साये में साये में
प–म(t)–प–ग–म(t)–प–प–प–नि–ध–सां—नि—सां–नि–ध–
ज़िंदगानी बितनी तेरे साये में साये में
प–म(t)–प–प–प–म(t)–प–ग–म(t)–प–प–प–नि–ध–सां—नि—