अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- **D#**
कंधे पे सूरज
ग–प–प–ग-रे-सा–
टिका के चला तू
ग-ग–प–प–ग-रे-सा–
हाथों में भर के
ग–प–प–ग-रे-सा–
चला बिजलियां
रे-रे–ग–रे–रे—सा–ऩि–
कंधे पे सूरज
ग–प–प–ग-रे-सा–
टिका के चला तू
ग-ग–प–प–ग-रे-सा–
हाथों में भर के
ग–प–प–प-ध-प–
चला बिजलियां
ग–सा–रे–ग–रे–
तूफान भी सोचे
ग–प–प–ग-रे-सा-
जिद तेरी कैसी
ग-प-प-ध–प–ग-रे-सा–
ऐसा जुनून है किसी में कहाँ
ग–प–प–ध–प–प–ध–प–प–ध-प-ध-नि-सां-
बहता चला तू उड़ता चला तू
सां–सां–नि-ध-प-ग-प-ध–सां–सां–नि–ध–प–
जैसे उड़े बेधड़क आँधियाँ
सां–सां–नि–सां–गं–रें–सां–ध–प–ध-प-ग-प-ध-नि-
बहता चला तू उड़ता चला तू
सां–सां–नि-ध-प-ग-प-ध–सां–सां–नि–ध–प–
जैसे उड़े आँधियाँ
सां–सां–नि–सां–गं–रें–सां–
मंज़र है ये नया…
सां—रें—गं–गं–रें–सां—नि-रें-सां-नि-ध-प-
मंज़र नया
ध-प-प-ग-ग-प-प—
मंज़र है ये नया
सां—रें—गं–गं–रें–सां—नि-रें-सां-नि-ध-प-
कि उड़ रही है बेधड़क सी आँधियाँ
प–ध–प–ध–प–ध–प–ध–नि–सां–नि–प–
मंज़र है ये नया
सां—रें—गं–गं–रें–सां—नि-रें-सां-नि-ध-प-
मंज़र नया
ध-प-प-ग-ग-प-प—
मंज़र है ये नया
सां—रें—गं–गं–रें–सां—नि-रें-सां-नि-ध-प-
कि उड़ रही है बेधड़क सी आँधियाँ
प–ध–प–ध–प–ध–प–ध–नि–सां–नि–सां–