अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- D
तेरी आँखों की किरणों में सूरज
प–ध–म–प– प–प–प—ध–म–प–
का सोना है जिसको
प–प–प—ध–म–प–
बटोरूं सारी रात…
प–प–प–ध–ध–सां—ध–प–म–प–
तेरे ख्वाबों की धरती पे साँसों
प–ध–म–प– प–प–प—ध–म–प–
की गर्मी को छूकर
प–प–प—ध–म–प–
जले हैं मेरे हाथ
प–प–प–ध–ध–सां—
फिर भी तुझसे शुरू
प–प–गं–रें–रें–नि–सां–
तुझपे ही ख़त्म
प–प–गं–रें–रें–नि–सां–
होती है हर मेरी बात…
प—नि–नि– नि—सां–नि–सां—नि–प–
मैं ना जानूं क्यूँ
ग–म–प–नि—सां—
मैं ना जानूं क्यूँ
ग–म–प–नि—सां—
मैं ना जानूं क्यूँ
ग–म–प–नि—रें—रें-गं-रें-गं-रें-सां-नि–
मैं ना जानूं क्यूँ
ग–म–प–नि—सां—
मेरी दिल की दीवारों पे अब तो
प–ध–म–प– प–प–प—ध–म–प–
चढ़ा है तेरे प्यार
प–प–प–प–ध–म–प–
का रंग ये लाल…
प–प–प—ध–ध–सां—ध–प–म–प–
लोग ये पूछें क्यूँ हो रहा दीवाना
सां–ध–म–प—प–प–प–ध–ध–म–प–
पर मैं भी ना बोलूं
प–ग—ध–प–म–प–
क्या है मेरा हाल
प–प—ध–ध–सां—
क्यूँ की तुझसे शुरू
प–प–गं–रें–रें–नि–सां–
तुझपे ही ख़त्म
प–प–गं–रें–रें–नि–सां–
होते हैं सब सवाल…
प—नि–नि– नि–सां–नि–सां—नि–प–
मैं ना जानूं क्यूँ
ग–म–प–नि—सां—नि–प–
मैं ना जानूं क्यूँ
ग–म–प–नि—सां—नि–प–
मैं ना जानूं क्यूँ
ग–म–प–नि—रें—रें-गं-रें-गं-रें-सां-नि–
मैं ना जानूं क्यूँ
ग–म–प–नि—सां—