Mishri Super Easy Sargam Notes | Anuv Jain

अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- C

यह पलकों में कुछ बातें हैं

प–प–ध-नि—नि– ध-प-प–ध-नि—नि–

तेरे बिना, तेरे बिना

नि-ध-नि—रें–सां– सां-नि-ध—सां–नि–

अधूरी सी सारी रातें हैं

प–प–ध-नि—नि—ध–प–प–ध-नि—नि–

तेरे बिना, तेरा बिना

नि-ध-नि—रें–सां– सां-नि-ध—सां–नि–

और आसमां में जो तारे हैं

नि–नि–सां–नि—ध– ध–ध–नि–ध—प–

तू वैसे मेरे दिल में सजा है

नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–

ये तारे जो अब टूटे तो

नि–नि–सां–नि—ध– ध–ध–नि–ध—प–

इन ख्वाहिशों में तू ही रहा है

नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–

आ आ आ आ….

प–म(t)–ध— प–म(t)–प—म(t)–प– प–ऩि–सा—

और मिश्री सी तेरी बातें ये

प–प–ध-नि—नि—ध–प–प–ध-नि—नि–

यूं हौले हौले याद आ रहीं हैं

नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–

और मीठी सी तेरी यादें अब

प–प–ध–रें–ध—ध–प–प–ध-नि—नि–

यूं रातों में सुला जा रहीं हैं

नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–

तू आज भी, हां आज भी

नि–नि–सां–नि—ध– ध–ध–नि–ध—प–

कहीं न कहीं सपनों में रहा है

नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–

और मिश्री के इन बादलों में

नि–नि–सां–नि—ध– ध–ध–नि–ध—प–

तू आज भी कहीं पे छिपा है

नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–

आ आ आ….

प—ध—रें—सां—नि—ध–प–

ना आ आ….

प—म(t)-प—म(t)-प—म(t)-प—नि-ध-नि–

तू नींदों में बंद आंखों में

प–प–ध-नि—नि—ध–प–प–ध-नि—नि–

यूं हौले हौले लड़ती झगड़ती है

नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–

न जाने क्यूं फिर आके तू

प–प–ध–रें–ध—ध–प–प–ध-नि—नि–

मुझे ही जाना कस के पकड़ती है

नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–

तेरा, तेरा ही

नि–नि–सां–नि—ध– ध–ध–नि–ध—प–

मैं हो गया हूं सोने के महलों में

नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प—ध—नि–

तेरा, तेरा ही

नि–नि–सां–नि—ध– ध–ध–नि–ध—प–

मैं हो गया हूं मिट्टी के शहरों में

नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प—ध—नि–

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