अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- C
यह पलकों में कुछ बातें हैं
प–प–ध-नि—नि– ध-प-प–ध-नि—नि–
तेरे बिना, तेरे बिना
नि-ध-नि—रें–सां– सां-नि-ध—सां–नि–
अधूरी सी सारी रातें हैं
प–प–ध-नि—नि—ध–प–प–ध-नि—नि–
तेरे बिना, तेरा बिना
नि-ध-नि—रें–सां– सां-नि-ध—सां–नि–
और आसमां में जो तारे हैं
नि–नि–सां–नि—ध– ध–ध–नि–ध—प–
तू वैसे मेरे दिल में सजा है
नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–
ये तारे जो अब टूटे तो
नि–नि–सां–नि—ध– ध–ध–नि–ध—प–
इन ख्वाहिशों में तू ही रहा है
नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–
आ आ आ आ….
प–म(t)–ध— प–म(t)–प—म(t)–प– प–ऩि–सा—
और मिश्री सी तेरी बातें ये
प–प–ध-नि—नि—ध–प–प–ध-नि—नि–
यूं हौले हौले याद आ रहीं हैं
नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–
और मीठी सी तेरी यादें अब
प–प–ध–रें–ध—ध–प–प–ध-नि—नि–
यूं रातों में सुला जा रहीं हैं
नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–
तू आज भी, हां आज भी
नि–नि–सां–नि—ध– ध–ध–नि–ध—प–
कहीं न कहीं सपनों में रहा है
नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–
और मिश्री के इन बादलों में
नि–नि–सां–नि—ध– ध–ध–नि–ध—प–
तू आज भी कहीं पे छिपा है
नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–
आ आ आ….
प—ध—रें—सां—नि—ध–प–
ना आ आ….
प—म(t)-प—म(t)-प—म(t)-प—नि-ध-नि–
तू नींदों में बंद आंखों में
प–प–ध-नि—नि—ध–प–प–ध-नि—नि–
यूं हौले हौले लड़ती झगड़ती है
नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–
न जाने क्यूं फिर आके तू
प–प–ध–रें–ध—ध–प–प–ध-नि—नि–
मुझे ही जाना कस के पकड़ती है
नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प–ध-नि-ध-सां-नि–
तेरा, तेरा ही
नि–नि–सां–नि—ध– ध–ध–नि–ध—प–
मैं हो गया हूं सोने के महलों में
नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प—ध—नि–
तेरा, तेरा ही
नि–नि–सां–नि—ध– ध–ध–नि–ध—प–
मैं हो गया हूं मिट्टी के शहरों में
नि–ध–नि–नि–रें–सां—सां–नि–प—ध—नि–