अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- B
वो रंग भी
मं–गं–मं-गं-रें–
क्या रंग है
मं–गं–मं-गं-रें–
मिलता ना जो तेरे होठ
सां–रें–रें-गं–सां—सां-रें–नि(k)—
के रंग से हूबहू
नि(k)-सां–ध—ध–प–म—प–ध—
वो खुशबू
मं–गं–मं-गं-रें–
क्या खुशबू
मं–गं–मं-गं-रें–
ठहरे ना जो तेरी साँ
सां–सां–रें–रें-गं–सां—सां-रें–नि(k)—
वारी ज़ुल्फ़ के रूबरू
नि(k)-सां–ध—ध–प–म—प–ध—
तेरे आगे ये
ध–नि–सां–रें–सां–रें–सां–
दुनिया है
सां–रें–सां–रें–सां–
फीकी सी
ध–सां–ध–सां–ध–
मेरे बिन तू ना
ध–नि–सां–रें–सां–रें–सां–
होगी
सां–रें–सां–रें–सां–
किसी की भी
ध–सां–ध–सां–ध–
अब ये ज़ाहिर सरे-आम है
ध–नि–सां–रें—गं–रें–गं—रें–नि–
ऐलान है….
नि–सां—रें–रें—-गं-रें-रें(k)—
जब तक जहाँ में
ध–प–ध—ध–रें–गं—
सुबह शाम है
मं–गं–मं–गं—रें–ध—
तब तक मेरे नाम तू
ध–प–ध—ध–सां–रें—सां–नि—
जब तक जहाँ में
ध–प–ध—ध–रें–गं—
मेरा नाम है
मं–गं–मं–गं—रें–ध—
तब तक मेरे नाम तू
ध–प–म–प—ध–प–म—ग–रे—
जब तक जहाँ में
ध–प–ध—ध–रें–गं—
सुबह शाम है
मं–गं–मं–गं—रें–ध—
तब तक मेरे नाम तू
ध–प–ध—ध–सां–रें—सां–नि—
जब तक जहाँ में
ध–प–ध—ध–रें–गं—
मेरा नाम है
मं–गं–मं–गं—रें–ध—
तब तक मेरे नाम तू
ध–प–म–प—ध–प–म—ग–रे—