अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- G
ऐसा नहीं कहीं कोई
ऩि–ऩि–ऩि-ध़–ध़-ऩि–रे-सा-सा–
है गलतफहमी जो बनी है
सा-सा-ऩि–ऩि–ऩि–ध़-प़-प़–ध़–
खोया नहीं अपनापन
ऩि–ऩि–ऩि-ध़–ध़-ऩि–रे-सा-सा–
एहसास की राह चुनी है
सा-सा-ऩि–ऩि-ऩि-ऩि–ध़-प़-प़–ध़–
तरसती हैं निगाहें
प–प–ध–रें–सां–नि—नि—
मेरी तकती हैं
नि–नि–नि–सां–नि—नि—
राहें तेरी
नि–नि–नि–सां–
सुन कभी आहें मेरी
नि–नि–नि–नि–नि–प–ध-ध–
ये कैसे मैं बताऊँ
प–प–ध–रें–सां–नि—नि—
तुझे सोती
नि–नि–नि–सां–नि—
नहीं आँखें मेरी
नि–नि–नि–नि–नि–सां–
कटती नहीं रातें मेरी
नि–नि–नि–नि–नि–नि–प–ध-ध–
कि ख्वाहिशों पे ख्वाब
रे–रे–ग–ध–म(t)–प—
उनकी बारिशें अज़ाब
प–प–प–प–ध–म(t)–प—
उनकी कहाँ गई धूप
प–प–प–प–प–म(t)–म(t)—
मेरे हिस्से के सवाबों की
म(t)–म(t)–ग–म(t)–ग–रे–रे–रे–रे–
कि दर्द भरे नाल
रे–रे–ग–ध–म(t)–प—
उन पे कर करम सवाल
प–प–प–प–ध–म(t)–प—
उन पे क्यूँ सितम है
प–प–प–प–प–म(t)–
तेरा तेरे चाहने वालों पर
नि–ध–ध–प–प–म(t)–ग–म(t)–ग–रे–
तरसती हैं निगाहें
प़–प़–ध़–रे–सा–ऩि—ऩि—
मेरी तकती हैं
ऩि–ऩि–ऩि–सा–ऩि—ऩि—
राहें तेरी
ऩि–ऩि–ऩि–सा–
चाहिए पनाह तेरी
ऩि–ऩि–ऩि–ऩि–प़–ध़-ध़–
ये कैसे मैं बताऊँ
प़–प़–ध़–रे–सा–ऩि—ऩि—
तुझे सोती
ऩि–ऩि–ऩि–सा–ऩि—
नहीं आँखें मेरी
ऩि–ऩि–ऩि–ऩि–ऩि–सा–
कटती नहीं रातें मेरी
ऩि–ऩि–ऩि–ऩि–ऩि–ऩि–प़–ध़-ध़–