अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- G
एक दिन बिक जाएगा
सा-रे-ग—ग–रे–सा–रे–
माटी के मोल
सा-रे-ग—प–रे—
जग में रह जाएँगे
सा-रे-ग—ग–रे–सा–रे–
प्यारे तेरे बोल
ऩि–सा–ऩि–प़–ध़—
एक दिन बिक जाएगा
सा-रे-ग—ग–रे–सा–रे–
माटी के मोल
सा-रे-ग—प–रे—
जग में रह जाएँगे
सा-रे-ग—ग–रे–सा–रे–
प्यारे तेरे बोल
ऩि–सा–ऩि–प़–ध़—
दूजे के होठों को
ग-म-प—प–ध–म–प–
देकर अपने गीत
प–ध–म-म-प–ग—
कोई निशानी छोड़
ग-म-प—प–ध–म–प–
फिर दुनिया से डोल
प–ध-ध–म–प–ग-म-ग-म-रे–सा–
एक दिन बिक जाएगा
सा-रे-ग—ग–रे–सा–रे–
माटी के मोल
सा-रे-ग—प–रे—
जग में रह जाएँगे
सा-रे-ग—ग–रे–सा–रे–
प्यारे तेरे बोल
ऩि–सा–ऩि–प़–ध़—
ला ला लाला ला ला
ग—रे—-ध़-ध़–ऩि–सा—
ला ला लाला ला ला
ग—रे—-रे-ध़–ऩि–सा—
अनहोनी पथ में काँटे लाख बिछाए
ग–ग–ग– ग–ग–ग–ग–ग–ग-म-ध–प—
होनी तो फिर भी बिछड़ा यार मिलाए
प–रे–रे– रे–रे–रे-रे-ग–म–रे–म–ग—रे–सा–
अनहोनी पथ में काँटे लाख बिछाए
ग–ग–ग– ग–ग–ग–ग–ग–ग-म-ध–प—
होनी तो फिर भी बिछड़ा यार मिलाए
प–रे–रे– रे–रे–रे-रे-ग–म–रे–म–ग—
ये बिरहा ये दूरी
ग–म–प—ग–म–ध—
दो पल की मजबूरी
ग–म–प—ग–म–ध—
फिर कोई दिलवाला कहे को घबराए
म—ध—प–म–ग–रे–रे–प–रे–म–ग–ग–
ट्रम्पम
ग-ग–ग–
धारा जो बहती है
ग-म-प—प–ध–म–प–
मिलके रहती है
प–ध–म-म-प–ग—
बहती धारा बन जा
ग-म-प—प–ध–म–प–
फिर दुनिया से डोल
प–ध-ध–म–प–ग-म-ग-म-रे–सा–
एक दिन बिक जाएगा
सा-रे-ग—ग–रे–सा–रे–
माटी के मोल
सा-रे-ग—प–रे—
जग में रह जाएँगे
सा-रे-ग—ग–रे–सा–रे–
प्यारे तेरे बोल
ऩि–सा–ऩि–प़–ध़—
ला ला लाला ला ला
ग—रे—-ध़-ध़–ऩि–सा—
ला ला लाला ला ला
ग—रे—-रे-ध़–ऩि–सा—