Kahin Door Jab Din Dhal Jaye Super Easy Sargam Notes | Mukesh

अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- A#

कहीं दूर जब दिन ढल जाए

नि–नि—नि—नि–ध–प–ध—प–ग–प—रे–

साँझ की दुल्हन बदन चुराए

ग—ग–सा–ग—ग– रे–ग–म(t)–ग–म(t)—म(t)–

चुपके से आए

रे–ग–नि–ध–प—प–

मेरे ख्यालों

रें–रें—रें(k)–रें—सां–नि–ध–

के आँगन में

ध–नि–सां–नि–सां—नि–ध–प–

कोई सपनों के

प–ध–नि–ध–नि—ध–प–म(t)–

दीप जलाए

म(t)–ध–रें–रें(k)–रें(k)—रें(k)–नि–ध–

दीप जलाए

ध–रें–सां–नि–नि—नि–प–ध–प–

कहीं दूर जब दिन ढल जाए

नि–नि—नि—नि–ध–प–ध—प–ग–प—रे–

साँझ की दुल्हन बदन चुराए

ग—ग–सा–ग—ग– रे–ग–म(t)–ग–म(t)—म(t)–

चुपके से आए

रे–ग–नि–ध–प—प–

संगीत

कभी यूँ ही जब हुई

रें–रें–गं–गं– रें–रें–गं–गं–

बोझल साँसें

नि–रें–पं–मं(t)–गं—गं–

भर आईं बैठे बैठे

सां–सां–सां–ध–सां–सां–सां–रें-गं–

जब यूँ ही आँखें

रें–गं–मं(t)–गं–रें—रें–

कभी यूँ ही जब हुई

रें–रें–गं–गं– रें–रें–गं–गं–

बोझल साँसें

नि–रें–पं–मं(t)–गं—गं–

भर आईं बैठे बैठे

सां–सां–सां–ध–सां–सां–सां–रें-गं–

जब यूँ ही आँखें

रें–गं–मं(t)–गं–रें—रें–

कभी मचल के

रें–रें—रें(k)–रें—सां–नि–ध–

प्यार से चल के

ध–नि–सां–नि–सां—नि–ध–प–

छु्ए कोई मुझे पर

प–ध–नि–ध–नि—ध–प–म(t)–

नज़र ना आए

म(t)–ध–रें–रें(k)–रें(k)—रें(k)–नि–ध–

नज़र ना आए

ध–रें–सां–नि–नि—नि–प–ध–प–

कहीं दूर जब दिन ढल जाए

नि–नि—नि—नि–ध–प–ध—प–ग–प—रे–

साँझ की दुल्हन बदन चुराए

ग—ग–सा–ग—ग– रे–ग–म(t)–ग–म(t)—म(t)–

चुपके से आए

रे–ग–नि–ध–प—प–

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *