अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- A
कौशल्या, दशरथ के नंदन
ध़—ऩि—सा—सा–सा—ग–म–ग–रे–रे—रे–रे–
राम ललाट पे शोभित चंदन
प़—ध़–ध़–ऩि—ऩि–ऩि—सा–रे–सा–ऩि–ध़—ध़–ध़–
रघुपति की जय बोले लक्ष्मण
ध़–ध़–ऩि–सा–सा—सा—ग-रे-म—ग–रे–सा–ऩि–ऩि–
राम सिया का हो अभिनंदन
प़—ध़–ध़–ऩि—ऩि—सा–रे–सा–ऩि–ध़—ध़–ध़–
अंजनी पुत्र पड़े हैं चरण में
ग–म–ग–रे–रे—रे– रे–रे–ग–रे–ग–रे–सा–ऩि–रे–सा–
राम सिया जपते तन मन में
ऩि—ऩि–ध़–ऩि—ऩि–ऩि–रे—सा–ऩि–ध़—ध़–
मंगल भवन
ग—म–ग–ग–ग—ग–
अमंगल हारी….
ग–म–ग–रे–ऩि–रे–रे–ग–ग—ग–म–प–म–ग–म–ग–रे–
द्रवहु सुदसरथ
रे–ग–रे–सा–ऩि–ध़–ध़–ऩि–
अजिर बिहारी
सा–ऩि–रे–सा–ऩि—ध़–ध़–
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
ध़—ध़-ऩि–रे—रे-रे(k)–ध़—ऩि-ऩि—ऩि-ध़-ध़—प़–प़–
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
ध़—ध़-ऩि–रे—रे-रे(k)–ध़—ऩि-ऩि—ऩि-ध़-ध़—
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
ध़—ध़-ऩि–रे—रे-रे(k)–ध़—ऩि-ऩि—ऩि-ध़-ध़—प़–प़–
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
ध़—ध़-ऩि–रे—रे-रे(k)–ध़—ऩि-ऩि—ऩि-ध़-ध़—