अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- G
रातों रात तारा कोई चाँद या सितारा कोई
गिरे तो उठा लेना
ओ सुनियों रे तारा चमकीला होगा चाँद शर्मीला होगा
नथ में लगा लेना
(x2)
ज़रा सी सँवरी है वो
सा-सा–सां–ध—प-म–प–प–
ज़रा सी बावरी है वो
सा-सा–सां–ध—प-म–प–प–
वो सुरमे की तरह मेरी
सा-सा–सां–ध—प-म–प–प–
आँखों में ही रहती है
सां–सां–प–ध–प–म–ग–रे—
सुबह के ख्वाब से उड़ाई है
प-प-प-प-ग-ग-रे-रे-ग-ग—रे-सा–
पलकों के नीचे छुपाई है
प-प-प-प-ग-ग-रे-रे-ग-ग—रे-सा–
मानो ना मानो तुम सोते सोते
सा-सा-सा-रे-ग-रे-सा-ध-ध-ध-ध-
ख्वाबों में भी ख्वाब दिखाती है
ध-ध-ध-ध-ध—प-ग-ग-रे-रे-ग-ग—रे-सा-
मानो ना मानो तुम परी है वो
सा-सा-सा-रे-ग-रे-सा-ध-ध-ध-ध-
परी की कहानियाँ सुनाती है
ध-ध-ध-ध-ध-प-प-ग-ग-रे-रे-ग-ग—रे-सा-
खुदा या खैर…
सां-ध–नि–सां—नि-रें—नि-सां—
खुदा या खैर…
सां-ध–नि–सां—नि-रें—नि-सां—
खुदा या खैर
सां-ध–नि–सां—
रातों रात तारा कोई चाँद या सितारा कोई
गिरे तो उठा लेना
ओ सुनियों रे तारा चमकीला होगा चाँद शर्मीला होगा
नथ में लगा लेना
(x2)
तू हवा में ज़मीन
ध—ध–प– रे–ग–रे–सा–
तू जहाँ में वहीं
ध—ध–प– रे—रे–ग–
जब उड़े मुझे ले के
ध—ध–प– रे–ग–रे–सा–
क्यों उड़ती नहीं
ध़-ध़–सा–रे–ग–रे—
तू घटा में ज़मीन
ध—ध–प– रे–ग–रे–सा–
तू कहीं मैं कहीं
ध—ध–प– रे—रे–ग–
क्यों कभी मुझे ले के
ध—ध–प– रे–ग–रे–सा–
क्यों बरसती नहीं
ध़-ध़–सा–रे–ग—रे—
ज़रा सी सँवरी है वो
सा-सा–सां–ध—प-म–प–प–
ज़रा सी बावरी है वो
सा-सा–सां–ध—प-म–प–प–
वो सुरमे की तरह मेरी
सा-सा–सां–ध—प-म–प–प–
आँखों में ही रहती है
सां–सां–प–ध–प–म–ग–रे—
सुबह के ख्वाब से उड़ाई है
प-प-प-प-ग-ग-रे-रे-ग-ग—रे-सा–
पलकों के नीचे छुपाई है
प-प-प-प-ग-ग-रे-रे-ग-ग—रे-सा–
मानो ना मानो तुम सोते सोते
सा-सा-सा-रे-ग-रे-सा-ध-ध-ध-ध-
ख्वाबों में भी ख्वाब दिखाती है
ध-ध-ध-ध-ध—प-ग-ग-रे-रे-ग-ग—रे-सा-
मानो ना मानो तुम परी है वो
सा-सा-सा-रे-ग-रे-सा-ध-ध-ध-ध-
परी की कहानियाँ सुनाती है
ध-ध-ध-ध-ध-प-प-ग-ग-रे-रे-ग-ग—रे-सा-
खुदा या खैर…
सां-ध–नि–सां—नि-रें—नि-सां—
खुदा या खैर…
सां-ध–नि–सां—नि-रें—नि-सां—
खुदा या खैर
सां-ध–नि–सां—