अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- D
क्यूँ ना हम तुम
प– ध–ग–प–
चलें टेढ़े मेढ़े से रास्तों पे नंगे पाँव रे
सा–ध–प–ग–ध–प–ग–ध–प–ग–सा–सा–ऩि–सा–ध़–
चल भटक ले ना बावरे
म– ध–प–ध–प–ध–प–ध–रे—
क्यूँ ना हम तुम
प– ध–ग–प–
फिरे जाके अलमस्त पहचानी राहों के परे
सा–ध–प–ग–ध–प–ग–ध–प–ग–सा–सा–ऩि–सा–ध़–
चल भटक ले ना बावरे
म– ध–प–ध–प–ध–प–ध–रे—सा–रे–
इन टिमटिमाती निगाहों में
ध– ध-नि-ध(k)-ध-नि-ध(k)-सां—नि–ध–ध(k)–ध–
इन चमचमाती अदाओं में
ध– ध-नि-ध(k)-ध-नि-ध(k)-सां—नि–ध–ध(k)–ध–
लुके हुए छुपे हुए
रें–रें—नि–ध–प– रें–रें—नि–ध–प–
हैं क्या ख्याल बावरे
रें–रें–सां–नि–ध–प–म–ग—
क्यूँ ना हम तुम
प– ध–ग–प–
चलें ज़िन्दगी के नशे में ही धुत सरफिरे
सा–ध–प–ग–ध–प–ग–ध–प–ग–सा–सा–ऩि–सा–ध़–
चल भटक ले ना बावरे
म– ध–प–ध–प–ध–प–ध–रे—
क्यूँ ना हम तुम
प– सां–नि–प–
तलाशे बगीचों में फुर्सत भरी छाँव रे
सा–ध–प–ग–ध–प–ग–ध–प–ग–सा–सा–ऩि–सा–ध़–
चल भटक ले ना बावरे
ध– ध–प–ध–प–ध–प–ध–रे—सा–रे–
इन गुनगुनाती फिजाओं में
ध– ध-नि-ध(k)-ध-नि-ध(k)-सां—नि–ध–ध(k)–ध–
इन सरसराती हवाओं में
ध– ध-नि-ध(k)-ध-नि-ध(k)-सां—नि–ध–ध(k)–ध–
टुकुर टुकुर यूँ देखे क्या
रें–रें—नि–ध–प– रें–रें—नि–ध–प–
क्या तेरा हाल बावरे
रें–रें–सां–नि–ध–प–म–ग—