Main Agar Kahoon Super Easy Sargam Notes | Om Shanti Om

अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- G#

तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ

सा–ध़–सा–ध़–सा–ध़–ध़-ध़–ध़(k)–ध़(k)–ध़—

कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ

सा–ध़–सा–ध़–सा–ध़–रे–ऩि–प़–प़–ऩि—

तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ

सा–ध़–सा–ध़–सा–ध़–ध़-ध़–ध़(k)–ध़(k)–ध़—

कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ

सा–ध़–सा–ध़–सा–ध़–रे–ऩि–प़–प़–ऩि—

किसी ज़ुबान में भी

ऩि–रे–रे-रे–ग–सा–ऩि–

वो लफ्ज़ ही नहीं

ऩि–रे–रे-रे–ग–सा–ऩि–

कि जीने में तुम हो क्या तुम्हें बता सकूँ

ऩि–म–म-ग–रे–सा–सा-ऩि–ध़–ध़(k)–ध़(k)–ऩि—

मैं अगर कहूँ तुमसा हसीं

ध़–ध़-म–म-ग–रे– ऩि–रे–ऩि–म–ग-ग–

कायनात में नहीं है कहीं

ध़–ध़-म–म-ग–रे– ऩि–रे–ऩि–म–ग-ग–

तारीफ़ यह भी तो

ग–म—ग–रे—सा–ऩि–

सच है कुछ भी नहीं

ऩि–ध़–ध़(k)–ऩि—ध़-ध़—

तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ

सा–ध़–सा–ध़–सा–ध़–ध़-ध़–ध़(k)–ध़(k)–ध़—

Music

शोखियों में डूबी यह अदाएँ

ग–ग–ध–ध-ध–ध-सां–नि–प–म(t)—

चेहरे से झलकी हुई हैं

ग–प–ग—रे–रे–म–ग–सा–ऩि—

ज़ुल्फ़ की घनी घनी घटाएँ

ग–ग–ध–ध-ध–ध-सां–नि–प–म(t)—

शान से ढलकी हुई हैं

ग–प–ग—रे–रे–म–ग–सा–ऩि—

लहराता आँचल है जैसे बादल

ऩि–रे—सा-ऩि–ध़– ऩि–रे–ऩि-रे–सा-ऩि–ध़–

बाहों में भरी है जैसे चाँदनी

ध़(k)–ध़(k)–ऩि–ऩि–रे–रे–म–म–ग–रे–ऩि—

रूप की चाँदनी

ध़–प़–प़–ऩि—ध़-ध़–

मैं अगर कहूँ यह दिलकशी

ध़–ध़-म–म-ग–रे– ऩि–रे–ऩि–म–ग-ग–

है नहीं कहीं ना होगी कभी

ध़–ध़-म–म-ग–रे– ऩि–रे–ऩि–म–ग-ग–

तारीफ़ यह भी तो

ग–म—ग–रे—सा–ऩि–

सच है कुछ भी नहीं

ऩि–ध़–ध़(k)–ऩि—ध़-ध़—

तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ

सा–ध़–सा–ध़–सा–ध़–ध़-ध़–ध़(k)–ध़(k)–ध़—

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