अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- D
कभी गर्दिशों का मारा
रे–रे–सा–ऩि–ऩि—ऩि–सा–सा–सा–
कभी ख्वाहिशों से हारा
रे–रे–सा–ऩि–ऩि—ऩि–सा–सा–सा–
रूठे चाँद का है चकोर
ध़–ऩि–सा–रे–ग—सा–ग–रे—
ज़रा से भी समझौते से
रे–रे–सा–ऩि–ऩि—ऩि–सा–सा–सा–
यह परहेज़ रखता है क्यूँ
रे–रे–सा–ऩि–ऩि—ऩि–सा–सा–सा–
माने ना कभी कोई ज़ोर
ध़–ऩि–सा–रे–ग—सा–ग–रे—
दुनिया जहाँ की बंदिशों
प–म–ग–रे—रे–रे–ग–म–ग–रे–सा—ग–रे–
की यह कहाँ परवाह करे जब
प–म–ग–रे—रे–रे–ग–म–ग–रे–सा—ग–रे–रे–
खींचे तेरी डोर
म–ग–रे–सा–ध़—
खींचे तेरी डोर
ध़–ऩि(k)–ध़–प़–ऩि—
मनचला.. मन चला तेरी ओर
सा–प–म—ग–सा–ग—सा-सा–ध़–सा–सा—
मनचला.. मन चला तेरी ओर
सा–प–म—ग–सा–ग—सा-सा–ध़–सा–सा—
खामोशियों की सूरतों में
रे–रे—ग–रे–सा–ध़–सा–रे—ग–रे–ग–म–
ढूंढे तेरा शोर
म–ग–रे–सा–ध़–
ढूंढे तेरा शोर
ध़–ऩि(k)–ध़–प़–ऩि–
मनचला.. मन चला तेरी ओर
सा–प–म—ग–सा–ग—सा-सा–ध़–सा–सा—
मनचला.. मन चला तेरी ओर
सा–प–म—ग–सा–ग—सा-सा–ध़–सा–सा—