अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- D#
पत्ता अनारो का
प—ध–सां–सां–नि–रें–सां–ध–प–
पत्ता चनारो का
प—ध–सां–सां–ध—प–म–
जैसे हवाओ में
ध—प—ग–रे–सा–रे–ग–ग–
ऐसे भटकता हूँ
प—ध–सां–सां–नि–रें–सां–ध–प–
दिन रात दिखता हूँ
प—ध–सां–सां–ध—प–म–
मैं तेरी राहों में
ध—प—ग–रे–सा–रे–ग–ग–
मेरे गुनाहों में
म—प–ध–ध—ध–सां–नि(k)–ध–प–
मेरे सवाबों में
म—प–ध–ध—ध–सां–नि(k)–ध–प–
शामिल तू…
म–ध-सां–ध-सां—सां–रें–नि–सां–नि–ध–प–
भूली अठन्नी सी
म—प–ध–ध—ध–सां–नि(k)–ध–प–
बचपन के कुर्ते में
म—प–ध–ध—ध–सां–नि(k)–ध–प–
से मिल तू…
म–ध-नि–ध-नि—
रखूँ छुपा के मैं सब से वो लैला
मं-गं–गं-गं-सां–सां-सां-ध–ध-ध-प–
मांगूं ज़माने से रब से वो लैला
मं-गं–गं-गं-सां–सां-सां-ध–ध-ध-नि(k)–
कब से मैं तेरा हूँ कब से तू मेरी लैला
नि(k)-रें-रें-रें-रें-रें–रें-सां-सां-सां-ध–ध–प—
तेरी तलब थी हाँ तेरी तलब है
मं-गं–गं-गं-सां–सां-सां-ध–ध-ध-प–
तू ही तो सब थी हाँ तू ही तो सब है
मं-गं–गं-गं-सां–सां-सां-ध–ध-ध-नि(k)–
कब से मैं तेरा हूँ कब से तू मेरी लैला…
नि(k)-रें-रें-रें-रें-रें–मं-मं-मं-गं-रें-सां-रें–सां—
ओ मेरी लैला लैला
सां–सां–रें–रें-गं–रें-गं—रें-गं–रें-गं–
ख्वाब तू है पहला
गं–सां–सां–सां–नि(k)–नि(k)—ध–
कब से मैं तेरा हूँ कब से तू मेरी लैला
नि(k)-रें-रें-रें-रें-रें–रें-सां-सां-सां-ध–ध–प—