अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- A#
Hmm…
ध़—ग—रे– सा–ऩि–ध़—ग—रे–
Hmm…
सा–ऩि–ध़—ग—रे—सा–ऩि–ध़—
पल एक पल में ही थम सा गया
ग—म–ग–रे–ग– म–ग–रे–ग—रे–सा–सा–रे–
तू हाथ में हाथ जो दे गया
ग—म–ग–रे–ग– म–ग–रे–ग—रे–सा–सा–रे–
चलूँ मैं जहाँ जाए तू
ऩि–ऩि–सा–ऩि–ध़–ध़—ग—रे–
दाएँ मैं तेरे बाएँ तू
ऩि–ऩि–सा–ऩि–ध़–ध़—ग—रे–
हूँ रुत मैं हवाएँ तू
ऩि–ऩि–सा–ऩि–ध़–ध़—ग—रे–
साथिया
सा–ऩि–ध़—
हँसूँ मैं जब गाए तू
ऩि–ऩि–सा–ऩि–ध़–ध़—ग—रे–
रोऊँ मैं मुरझाए तू
ऩि–ऩि–सा–ऩि–ध़–ध़—ग—रे–
भीगूँ मैं बरसाए तू
ऩि–ऩि–सा–ऩि–ध़–ध़—ग—रे–
साथिया
सा–ऩि–ध़—
साया मेरा है तेरी शकल
ग–प–ध—प—ग—रे–ग–म–ग—
हाल है ऐसा कुछ आजकल
ग–प–ध—प—ग—रे–ग–म–ग—
सुबह मैं हूँ तू धूप है
म–ग—रे–सा–रे—सा–रे—सा–रे–
मैं आईना हूँ तू रूप है
म–ग—रे–सा–रे—सा–रे—ग–रे–
यह तेरा साथ खूब है हमसफ़र
म–ग—रे–सा–रे—सा–रे—सा–रे—सा–सा–ऩि—
तू इश्क़ के सारे रंग दे गया
ग—म–ग–रे–ग– म–ग–रे–ग—रे–सा–सा–रे–
फिर खींच के अपने संग ले गया
ग—म–ग–रे–ग– म–ग–रे–ग—रे–सा–सा–रे–
कहीं पे खो जाए चल
ऩि–ऩि–सा–ऩि–ध़–ध़—ग—रे–
जहाँ रुक जाए पल
ऩि–ऩि–सा–ऩि–ध़–ध़—ग—रे–
कभी ना फिर आए कल
ऩि–ऩि–सा–ऩि–ध़–ध़—ग—रे–
साथिया
सा–ऩि–ध़—

