अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- A
यह लम्हा जो ठहरा है
प–म(t)–ग— रे-ग-म(t)–म(t)–ग–रे—
मेरा है ये तेरा है
प–म(t)–ग— रे-ग-म(t)–म(t)–ग–रे—
यह लम्हा मैं जी लूँ ज़रा
ध़-ऩि-सा–रे–ग–रे—सा–ऩि–ध़—
तुझ में खोया रहूँ मैं
प़–रे—रे—ध़–ऩि–ध़–प़–
मुझ में खोई रहे तू
प़–रे—रे—ध़–ऩि–ध़–प़–
खुद को ढूंढ लेंगे फिर कभी
प़–ग—ग–रे–ग–ग—प–म(t)–ग–रे—सा-ऩि-ध़–प़–
तुझ से मिलती रहे तू
प़–रे—रे—ध़–ऩि–ध़–प़–
मुझ से मिलती रही तू
प़–रे—रे—ध़–ऩि–ध़–प़–
खुद से हम मिलेंगे फिर कभी
प़–ग—ग–रे–ग–ग—प–म(t)–ग–रे—
हाँ फिर कभी
प़-ध़-ऩि–ध़–प़-प़—
क्यूँ बेवजह गुनगुनाये
ऩि—रे—ऩि–रे—ग–प–म(t)—ग—
क्यूँ बेवजह मुस्कुराये
ऩि—रे—ऩि–रे—ग–प–म(t)—ग—
पलकें चमकने लगी हैं
प–प-ध–प–म(t)–म(t)–प–म(t)–ग-रे–रे-ग—
अब ख्वाब कैसे छुपाएं
ऩि—ग—प–म(t)—रे–ऩि–ध़—रे—
बहकी सी बातें कर लें
प–म(t)–ग— रे-ग-म(t)–म(t)–ग–रे—
हँस हँस के आँखें भर लें
प–म(t)–ग— रे-ग-म(t)–म(t)–ग–रे—
ये बेहोशियाँ फिर कहाँ
ध़-ऩि-सा–रे–ग–रे—सा–ऩि–ध़—
तुझ में खोया रहूँ मैं
प़–रे—रे—ध़–ऩि–ध़–प़–
मुझ में खोई रहे तू
प़–रे—रे—ध़–ऩि–ध़–प़–
खुद को ढूंढ लेंगे फिर कभी
प़–ग—ग–रे–ग–ग—प–म(t)–ग–रे—सा-ऩि-ध़–प़–
तुझ से मिलती रहे तू
प़–रे—रे—ध़–ऩि–ध़–प़–
मुझ से मिलती रही तू
प़–रे—रे—ध़–ऩि–ध़–प़–
खुद से हम मिलेंगे फिर कभी
प़–ग—ग–रे–ग–ग—प–म(t)–ग–रे–
हाँ फिर कभी
प़-ध़-ऩि–ध़–प़-प़—
दिल पे तरस आ रहा है
ऩि—रे—ऩि–रे–रे–ऩि–ध़-प़–ध़–रे—
पागल कहीं हो ना जाए
ऩि—रे—ऩि–रे—ऩि–ध़-प़–ध़–रे—
वो भी मैं सुनने लगा हूँ
ऩि—रे—ऩि–रे—ऩि–ध़-प़–ध़–रे—
जो तुम कभी कह ना पाए
ऩि—रे—ऩि–रे—ऩि–ध़-प़–ध़–रे—ग–म(t)–
यह सुबह फिर आएगी
प–म(t)–ग— रे-ग-म(t)–म(t)–ग–रे—
यह शामें फिर आएंगी
प–म(t)–ग— रे-ग-म(t)–म(t)–ग–रे—
यह नज़दीकियाँ फिर कहाँ
ध़-ऩि-सा–रे–ग–रे—सा–ऩि–ध़—
तुझ में खोया रहूँ मैं
प़–रे—रे—ध़–ऩि–ध़–प़–
मुझ में खोई रहे तू
प़–रे—रे—ध़–ऩि–ध़–प़–
खुद को ढूंढ लेंगे फिर कभी
प़–ग—ग–रे–ग–ग—प–म(t)–ग–रे—सा-ऩि-ध़–प़–
तुझ से मिलती रहे तू
प़–रे—रे—ध़–ऩि–ध़–प़–
मुझ से मिलती रही तू
प़–रे—रे—ध़–ऩि–ध़–प़–
खुद से हम मिलेंगे फिर कभी
प़–ग—ग–रे–ग–ग—प–म(t)–ग–रे–
हाँ फिर कभी
प़-ध़-ऩि–ध़–प़-प़—