अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- C
सौ बरस गुज़रे रात हुए
ध़–ग-ग—म-म-ग—रे—सा–ग—
सौ बरस गुज़रे दिन हुए
ध़–ग-ग—म-म-ग—रे—ऩि–सा–ध़–
सौ बरस गुज़रे चाँद दिखे
ध़–ग-ग—म-म-ग—रे—सा–ग—
सौ बरस गुज़रे बिन जिए
ध़–ग-ग—म-म-ग—रे—ऩि–सा–ध़–
क्यूँ पल ठहरता है ये
सा–ध—ध–ध–ध(k)–ध(k)–ध–नि—ध–ध(k)–
क्यूँ वक्त बदलता नहीं है
ग–म–म– रे–रे–म—ग–सा–ऩि—
ये राह सूनी है क्यूँ
सा–ध—ध–ध(k)–ध(k)–ध–नि—ध–ध(k)–
क्यूँ कोई निकलता नहीं है
ग–म–म– रे–रे–म—ग–सा–ऩि—
सौ बरस गुज़रे साँस लिए
ध़–ग-ग—म-म-ग—रे—सा–ग—
सौ बरस गुज़रे बिन जिए
ध़–ग-ग—म-म-ग—रे—ऩि–सा–ध़–
पलकेँ हैं ख़्वाबों से खाली
ध़–ग—म-रे–ग—म-रे–ग—
दिल है के बंद कोई घर
ध़–ग—म-रे–ग—म-ग—
कभी रंग थे नैनों में
ग-म–म–रे– म–ग–ध—
कभी दिल को लगते थे पर
ध–नि–नि—ध(k)–ग–रे—म–ग—ध—
वो राह सहेली मेरी
ध—म— ध–ध–ध(k)–ध(k)–ध–नि—ध–ध(k)–
सब तारे चुरा ले गई है
ग–म–म– रे–रे–म—ग–सा–ऩि—
वो दिल जो था मेरा
सा–ध—ध–ध(k)–ध(k)–ध–नि—ध–ध(k)–
अब वो भी मेरा नहीं है
ग–म–म– रे–म—ग–सा–ऩि—
है ख़फ़ा मुझसे यार मेरे
ध़–ग-ग—म-म-ग—रे—सा–ग—
क्या पता कब ये फिर मिले
ध़–ग-ग—म-म-ग—रे—ऩि–सा–ध़–