अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- B
ढूंढा हज़ारों में
प–प–प–म(t)–प—रे–
कई सितारों में
प–प–प–म(t)–प—रे–
है तेरे जैसा ना कोई
नि–नि–नि–रें–ध–ध–प–प–ग–
तू भी तो लाखों में
प–प–प–म(t)–प—रे–
जैसे किताबों में
प–प–प–म(t)–प—रे–
कोई कहानी हो नई
नि–नि–नि–रें–ध–ध–प–प–ध–
करूँ मैं तुझसे बहाने
प–म(t)–प–रें–नि–रें–नि–ध–नि–
कोई भी ना ये जाने
प–ध–प–ध–नि–म(t)–प–
है तुझको खबर या नहीं
प–रें–नि–रें–नि–ध—ध–प–ध–प–
हम्म–
म(t)—प–
ये जो रास्ते हैं सारे
प–प–रें–नि–रें–नि–ध–नि–
हैं तेरे ही सहारे
प–ध–प–ध–नि–म(t)–प–
क्या तुम ये जानो या नहीं
रे–प—म(t)–ग–रे—ऩि–ध़–ध़–प़–
बातें ये सारी मैं
प–रें–नि–ध–नि—प–
तुमसे ही करना चाहूँ
प–रें–नि–ध–नि–म(t)–प–
तेरी नादानियों
प–रें–नि–ध–नि—प–
से मैं पिघल ही जाऊँ
प–रें–नि–ध–नि–म(t)–प–
खोई सी राहें क्यों
रें–गं–रें–नि–ध–प–ध–
तुमसे ही मिलना चाहूँ
प–रें–नि–ध–नि–म(t)–प–
हूँ मैं अँधेरों में
प–रें–नि–ध–नि—प–
तुझमें सवेरा पाऊँ
प–रें–नि–ध–नि–म(t)–प—
तू ही सवेरा
नि–ध–ध–म(t)–प—
है क्यों अँधेरा
प–सां–नि–ध–नि—
तू ही सवेरा
रें–ध–ध–म(t)–प—