अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- F
शाम भी कोई
प–प–प–ग–ग—
जैसे है नदी
ग–ग–ग–रे–रे—
लहर लहर जैसे बह रही है
ध़–ध़–ऩि–ऩि–सा–सा–ध़–ध़–ग–रे—
कोई अनकही
प–प–प–ग–ग—
कोई अनसुनी
ग–ग–ग–रे–रे—
बात धीमी धीमी कह रही है
ध़–ध़–ऩि–ऩि–सा–सा–ध़–ध़–ग–रे—
कहीं ना कहीं
सा-ध–प—-सां–नि–
जागी हुई है कोई आरज़ू
प–ध–नि–सां–रें–सां–नि–ध–प–प—
कहीं ना कहीं
सा-ध–प—-सां–नि–
खोए हुए से हैं मैं और तू
प–ध–नि–सां–सां–नि–ध–प–ग–रे—
के बूम बूम बूम पारा पारा
सा-सा—रे—ग—ध-प—-सां–नि–
हैं खामोश दोनों
सा-सा—रे–सा–रे–प़–
के बूम बूम बूम पारा पारा
सा-सा—रे—ग—ध-प—-सां–नि–
हैं मदहोश दोनों
सा-सा—रे–सा–रे–प़–
जो गुमसुम गुमसुम हैं ये फिज़ाएं
सा–ग–प—ग–प—ग-ग-रे-रे-सा—
जो कहती सुनती हैं ये निगाहें
रे–रे–म—रे–म—ध–प–म–म–प–
गुमसुम गुमसुम हैं ये फिज़ाएं
ग–प—ग–प—ग-ग-रे-रे-सा—रे–सा—