**अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- G**
बेरंगे थे दिन
रे—सां—नि—प—रे—
बेरंगी शामें
रे—सां—नि—प—म—
आई है तुम से
म—ध—प—ग—सा—
रंगीनियां
सा—ग—सा–रे—
फींके थे लम्हे
रे—सां—नि—प—रे—
जीने में सारे
रे—सां—नि—प—म—
आई है तुम से
म—ध—प—ग—सा—
नमकीनियां
सा—ग—सा–रे—
बेइरादा रास्तों की
ग–ग-ग–प– प–ध–नि—सां–
बन गए हो मंजिलें
सां–सां-सां–ग—म–ग–ग—
मुश्किलें हल हैं तुम्हीं से
ग–ग-ग–प– प–ध–नि—सां–
या तुम्हीं हो मुश्किलें
सां–गं–रें—नि–ध–नि–सां–नि—
तुम क्या मिले
प—ध–प–ध–नि—ध–
तुम क्या मिले
प—ध–प–ध–नि—ध–
हम ना रहे हम
प—सां–ध–म—ग–रे–
तुम क्या मिले
सा—रे–प–प—
जैसे मेरे
प—ध–प–ध–नि—ध–
दिल में खिले
प—रें–सां–नि—ध–
फागुन के मौसम
नि–नि–सां–ध-सां—ध–प-म–
तुम क्या मिले
ग–म–प–प—
तुम क्या मिले
प–प–ध–प-ध—प-म–
तुम क्या मिले
म–सा–सा-रे—
तुम क्या मिले
प–प–ध–प-ध—सां—
तुम क्या मिले
ग–म–प–प—