अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- G
दम तो ना तेरे ना ना तेरे ना ना
सा—सा—सा—रे–सा–सा–सा–रे–सा–सा–सा–
दम तो ना तेरे ना ना तेरे ना ना
सा—सा—सा—रे–सा–सा–सा–रे–सा–सा–सा–
(x2)
यह हौसला कैसे झुके
सा—ग—म—सां–ध—नि(k)-ध–प-म–म–प–ध—प–प—
यह आरज़ू कैसे रुके
सा—ग—म—सां–ध—नि(k)-ध–प-म–म–प–ध—प–प—
यह हौसला कैसे झुके
सा—ग—म—सां–ध—नि(k)-ध–प-म–म–प–ध—प–प—
यह आरज़ू कैसे रुके
सा—ग—म—सां–ध—नि(k)-ध–प-म–म–प–ध—प–प—
मंज़िल मुश्किल तो क्या
नि–नि–सां–प–म–ग-रे–
धुंधला साहिल तो क्या
नि-नि-नि–सां–प–म–ग-रे–
तन्हा ये दिल तो क्या…
नि-नि-नि–सां—प–म–ग–रे—ग–रे–सा–ऩि–
दम तो ना तेरे ना ना तेरे ना ना
सा—सा—सा—रे–सा–सा–सा–रे–सा–सा–सा–
दम तो ना तेरे ना ना तेरे ना ना
सा—सा—सा—रे–सा–सा–सा–रे–सा–सा–सा–
(x2)
राह पे कांटे बिखरे अगर
ध—ध—ध(k)–ध—ग–रे–सा–सा—नि—ध–ध—
उसपे तो फिर भी चलना ही है
नि—नि—सां–ध—प–म– म—प–ध—प–प—
शाम छुपाले सूरज मगर
ध—ध—ध(k)–ध—ग–रे–सा–सा—नि—ध–ध—
रात को एक दिन ढलना ही है
नि—नि—सां–ध—प–म– म—प–ध—प–प—
रुत ये टल जाएगी
नि-नि-नि–सां–प–म–ग-रे–
हिम्मत रंग लाएगी
नि–नि–सां–प–म–ग-रे–
सुबह फिर आएगी हू…
नि-नि-नि–सां—प–म–ग–रे—रे-ग-म-प-ध-नि-रें-सां-नि-नि-सां—