अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- F
यह तो सच है कि भगवान है
ऩि–ग–प—नि—प–म(t)—ग(k)–ग–प—-
है मगर फिर भी अनजान है
ऩि–ग–प—नि—प–म(t)—ग(k)–ग–म(t)—-
यह तो सच है कि भगवान है
ऩि–ग–प—नि—प–म(t)—ग(k)–ग–प—-
है मगर फिर भी अनजान है
ऩि–ग–प—नि—प–म(t)—ग(k)–ग–म(t)—-
धरती पे रूप माँ बाप का
ऩि–ऩि–ऩि—रे—सा–ऩि—ध़—प़–प़—-
उस विधाता की पहचान है
प़–ध़–ऩि—ग(k)—ग(k)–ग(k)—म(t)—ग–ग—-
यह तो सच है कि भगवान है
ऩि–ग–प—नि—प–म(t)—ग(k)–ग–प—-
जन्मदाता है जो
प–ध–नि—ध—प–नि–
नाम जिनसे मिला
प–ध–नि—ध—प–म(t)–
थामकर जिनकी उँगली है बचपन चला
रे–ग–म(t)—ग—रे–म(t)—म(t)—म(t)–प—म(t)—ग–ग—-
हू ऊऊ ऊऊ ऊ ऊऊ ऊऊ
ऩि–सा–रे–ऩि—ऩि–प–म(t)–ग—
काँधे पर बैठके
प–ध–नि—ध—प–नि–
जिनके देखा जहाँ
प–ध–नि—ध—प–म(t)–
ज्ञान जिनसे मिला क्या बुरा क्या भला
रे–ग–म(t)—ग—रे–म(t)– म(t)–म(t)–प—म(t)—ग–ग—
इतने उपकार हैं क्या कहें
ऩि–ग–प—नि—प–म(t)—ग(k)–ग–प—-
यह बताना ना आसान है
ऩि–ग–प—नि—प–म(t)—ग(k)–ग–म(t)—-
धरती पे रूप माँ बाप का
ऩि–ऩि–ऩि—रे—सा–ऩि—ध़—प़–प़—-
उस विधाता की पहचान है
प़–ध़–ऩि—ग(k)—ग(k)–ग(k)—म(t)—ग–ग—-
यह तो सच है कि भगवान है
ऩि–ग–प—नि—प–म(t)—ग(k)–ग–प—-