Aarambh Hai Prachand Super Easy Sargam Notes | Piyush Mishra

Song Details
Song NameAarambh Hai Prachand
Movie / AlbumGangs of Wasseypur
VocalistPiyush Mishra

अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- E

आरम्भ है प्रचंड

प़–सा–सा–ग(k)–ग(k)–सा–सा–

बोले मस्तकों के झुंड

प़–प़–सा–सा–ग(k)–ग(k)–सा–सा–

आज जंग की घड़ी की

प़–प़–सा–सा–ग(k)–ग(k)–सा–सा–

तुम गुहार दो

ऩि–ऩि–ऩि–ऩि–रे–

आरम्भ है प्रचंड

प़–सा–सा–ग(k)–ग(k)–सा–सा–

बोले मस्तकों के झुंड

प़–प़–सा–सा–ग(k)–ग(k)–सा–सा–

आज जंग की घड़ी की

प़–प़–सा–सा–ग(k)–ग(k)–सा–सा–

तुम गुहार दो

ऩि–ऩि–ऩि–ऩि–रे–

आन बान शान या की

रे–रे–म–म–रे–रे–ऩि–ऩि–

जान का हो दान आज

रे–रे–म–म–रे–रे–ऩि–ऩि–

इक धनुष के बाण पे

प–प–म–म–ग(k)–ग(k)–रे–

उतार दो

रे–ग(k)–ग(k)–ग(k)–

आरम्भ है प्रचंड

प़–सा–सा–ग(k)–ग(k)–सा–सा–

बोले मस्तकों के झुंड

प़–प़–सा–सा–ग(k)–ग(k)–सा–सा–

आज जंग की घड़ी की

प़–प़–सा–सा–ग(k)–ग(k)–सा–सा–

तुम गुहार दो

ऩि–ऩि–ऩि–ऩि–रे–

आन बान शान या की

रे–रे–म–म–रे–रे–ऩि–ऩि–

जान का हो दान आज

रे–रे–म–म–रे–रे–ऩि–ऩि–

इक धनुष के बाण पे

प–प–म–म–ग(k)–ग(k)–रे–

उतार दो

रे–ग(k)–ग(k)–ग(k)–

आरम्भ है प्रचंड

प़–सा–सा–सा–सा–ग(k)—-सा—

मन करे सो प्राण दे

प–प–म–म–ग(k)–ग(k)–सा–

जो मन करे सो प्राण ले

सा–प–प–म–म–ग(k)–ग(k)–सा–

वही तो एक सर्वशक्तिमान है

सा–प–प–म–म–ग(k)–ग(k)–सा–सा–म–म–म–

मन करे सो प्राण दे

प–प–म–म–ग(k)–ग(k)–सा–

जो मन करे सो प्राण ले

सा–प–प–म–म–ग(k)–ग(k)–सा–

वही तो एक सर्वशक्तिमान है

सा–प–प–म–म–ग(k)–ग(k)–सा–सा–म–म–म–

विश्व की पुकार है

प–प–म–म–ग(k)–ग(k)–सा–

ये भागवत का सार है

सा–प–प–म–म–ग(k)–ग(k)–सा–

कि युद्ध ही वीर का प्रमाण है

सा–प–प–म–म–ग(k)–ग(k)–सा–सा–म–म–म–

कौरवों की भीड़ हो या

म–म–ध(k)–ध(k)–म–म–रे–रे–

पांडवों का नीड़ हो

म–म–ध(k)–ध(k)–म–म–रे–

जो लड़ सका है वो ही तो

रे–म–म–ध(k)–ध(k)–नि–नि–नि–

महान है

नि–सां–सां–सां–

जीत की हवस नहीं,

सा–सा–ग(k)–ग(k)–सा–सा–प़–

किसी पे कोई वश नहीं

प़–सा–सा–ग(k)–ग(k)–सा–सा–प़–

क्या ज़िन्दगी है ठोकरों

प़–सा–सा–ग(k)–ग(k)–सा–सा–ऩि–

पे मार दो

ऩि–ऩि–ऩि–रे–

मौत अंत है नहीं

रे–रे–म–म–रे–रे–ऩि–

तो मौत से भी क्यूँ डरे

ऩि–रे–रे–म–म–रे–रे–ऩि–

जाके आसमान में

ऩि–प–प–म–म–ग(k)–ग(k)–रे–

दहाड़ दो

रे–ग(k)–ग(k)–ग(k)–

आरम्भ है प्रचंड

प़–सा–सा–ग(k)–ग(k)–सा–सा–

बोले मस्तकों के झुंड

प़–प़–सा–सा–ग(k)–ग(k)–सा–सा–

आज जंग की घड़ी की

प़–प़–सा–सा–ग(k)–ग(k)–सा–सा–

तुम गुहार दो

ऩि–ऩि–ऩि–ऩि–रे–

आन बान शान या की

रे–रे–म–म–रे–रे–ऩि–ऩि–

जान का हो दान आज

रे–रे–म–म–रे–रे–ऩि–ऩि–

इक धनुष के बाण पे

प–प–म–म–ग(k)–ग(k)–रे–

उतार दो

रे–ग(k)–ग(k)–ग(k)–

आरम्भ है प्रचंड

प़–सा–सा–सा–सा–ग(k)—-सा—

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