अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- G#
प्रीतम का कुछ
नि–नि-नि–सां–गं–रें–रें—
दोष नहीं है
सां—ध–नि–म(t)—ध—
वो तो है निर्दोष
रे—म(t)–ध–रें—सां–ध–नि—
प्रीतम का कुछ
नि–नि-नि–सां–गं–रें–रें—
दोष नहीं है
सां—ध–नि–म(t)—ध—
वो तो है निर्दोष
रे—म(t)–ध–रें—सां–ध–नि—
अपने आप से बातें करके
ग-ग-प—सां—सां-सां-सां—सां—सां—सां–
हो गई मैं बदनाम
सां—रें—नि—ध–प–नि—
साँसों की माला पे
ग—म(t)—प–म(t)—प—म(t)–ग—
साँसों की माला पे
ग—म(t)—प–म(t)—प—म(t)–ग—
साँसों की माला पे सिमरूँ मैं
ग—म(t)—प–म(t)—प—म(t)–ग–ग—म(t)–ध–म(t)—
पी का नाम आ आ आ
रे—रे–सा–ग—-म(t)–प–म(t)—
साँसों की माला पे सिमरूँ मैं
ग—म(t)—प–म(t)—प—म(t)–ग–ग—ध–नि–म(t)—
पी ई ई का नाम
ध–नि–सां—नि–ध-नि—-ध–
साँसों की माला पे
ग—म(t)—प–म(t)—प—म(t)–ग–
प्रेम के रंग में
नि–नि-नि–सां–गं–रें—
ऐसी डूबी
सां—ध–नि–म(t)—ध—
बन गया एक ही रूप
रे—म(t)–ध–रें—सां–ध–नि—
अपने मन की मैं जानूँ
ग-ग-प—सां—सां—सां—सां—सां–
और पी के मन की श्याम
सां—सां—रें—नि—ध–प–नि—-
आ आ आ आम
नि–ध–प–म(t)–ग–
साँसों की माला पे
ग—म(t)—प–म(t)—प—म(t)–ग—
साँसों की माला पे
ग—म(t)—प–म(t)—प—म(t)–ग—
साँसों की माला पे सिमरूँ मैं
ग—म(t)—प–म(t)—प—म(t)–ग–ग—म(t)–ध–म(t)–
सिमरूँ मैं सिमरूँ मैं
ग—म(t)–ध–म(t)– ग—म(t)–ध–म(t)—
पी का नाम
रे—रे–सा–ग—-
