अगर आप बांसुरी बजाते है तो बांसुरी का स्केल होगा :- G#
क्या फ़ितूर दूर रहा
ग–रे–ग–ध—प–प–प-म-म–
क्यों जाए ना
ग–सा–रे-ग-रे—
ये कसूर नूर का तेरे
ग–रे–ग–ध—प–प–प-म-म–ग–
है सारा
सा–रे-ग-रे—
क्या हँसी है उसी की
ग–रे–ग–ध—प–प–ध-नि–
वजह से तो फँसी मैं
ध–ध–प–प–म–म–ग–
हूँ उलझी मिल जाए बस
ग–प-म–म—ग-ग-प—म—ग–
तेरी ही तेरी ही तेरी बाहें
सा–रे–ग–सा–रे–ग–सा-रे–सा–ऩि–ध़–
जो मैं करवट लूँ भी
ध़-ध़–ध़-प़–प़-ध़-प़-ऩि-ऩि—
मिलो हर दम तुम ही
सा-सा–सा-रे-रे–ऩि–ऩि–ध़–
हो इतनी नज़दीकी
ध़-ध़–ध़-प़–प़-ध़-प़-ऩि-ऩि—
बेचैनी ये
रे–रे-सा–ऩि–ऩि-ध़–
बेरहमी है
रे–रे-सा–ऩि–ऩि-ध़–
ये रंगत काजल की
ध़-ध़–ध़-प़–प़-ध़-प़-ऩि-ऩि—
है तेरी खातिर ही
रे-रे–रे–सा–ऩि–सा-रे-ग—
तो दाखिल दिल में हो मैं गई
ग-ग–ग–रे–रे–सा–ऩि-ध़-ध़-ऩि—
तेरी कल्याणी
ऩि-रे-सा–ऩि–ध़—
